आरडीएसओ में सिस्टम इम्प्रूवमेंट पर विशेष सतर्कता सत्र, 445 से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों ने लिया हिस्सा
लखनऊ। केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप चलाए जा रहे तीन माह के सतर्कता जागरूकता अभियान के तहत अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किया गया। सत्र का विषय था — 'आरडीएसओ में उत्कृष्टता के लिए सिस्टम इम्प्रूवमेंट'।
यह अभियान 17 अगस्त से 16 नवंबर 2026 तक 'Probity for Prosperity' (सत्यनिष्ठा से समृद्धि) की थीम पर चलाया जा रहा है।
445 से अधिक प्रतिभागियों ने की शिरकत
आरडीएसओ के महानिदेशक प्रभास दनसाना के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान में निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष जोर दिया जा रहा है:
- लंबित शिकायतों एवं मामलों का त्वरित निस्तारण
- क्षमता निर्माण (Capacity Building)
- डिजिटल पहलों को बढ़ावा
- अनुबंध प्रबंधन में पारदर्शिता
ऑनलाइन सत्र में आरडीएसओ के विभिन्न कार्यालयों और फील्ड यूनिट्स से 445 से अधिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया।
सतर्कता अधिकारियों ने रखे अहम विचार
आरडीएसओ सतर्कता विभाग के निदेशक/सतर्कता-I अवधेश कुमार यादव और निदेशक/सतर्कता-II अमित कुमार सिसोदिया ने सिस्टम में सुधार के माध्यम से प्रक्रियाओं की सत्यनिष्ठा मजबूत करने पर अपने विचार रखे। इन्होंने खास तौर पर इन पहलुओं पर बल दिया:
- वेंडर संबंधी गतिविधियों में पारदर्शिता एवं प्रतिस्पर्धा बढ़ाना
- तकनीकी विनिर्देशों (Technical Specifications) का सख्ती से पालन
- खरीद निरीक्षण प्रक्रियाओं में गुणवत्ता सुनिश्चितता
डिजिटल प्लेटफॉर्म और मेक इन इंडिया पर चर्चा
सत्र में इन मुद्दों पर भी विस्तार से बातचीत हुई:
- UVAM और HRMS जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म को मजबूत करना
- मेक इन इंडिया से जुड़ी प्रक्रियाओं में सुधार
- निरीक्षण कार्यप्रवाहों (Inspection Workflows) का मानकीकरण
इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र में प्रतिभागियों के व्यावहारिक सवालों का सतर्कता अधिकारियों ने संतोषजनक समाधान भी किया।
'सत्यनिष्ठा से समृद्धि' का संदेश
कार्यक्रम के समापन पर अधिकारियों ने सभी संबंधित विभागों एवं कर्मचारियों से अपील की कि वे निरंतर सतर्कता बरतें और सक्रिय सहयोग के माध्यम से 'सत्यनिष्ठा से समृद्धि' के उद्देश्य को साकार करें।
