आरडीएसओ में रेलवे सेवा आचरण नियम एवं हित संघर्ष पर संवादात्मक सत्र, 292 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी जुड़े
आरडीएसओ में रेलवे सेवा आचरण नियम एवं हित संघर्ष पर संवादात्मक सत्र, 292 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी जुड़े
लखनऊ। केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) के मार्गदर्शन में आरडीएसओ और उसकी फील्ड यूनिट्स में चल रहे तीन माह के सतर्कता जागरूकता अभियान के तहत शुक्रवार को "रेलवे सेवा आचरण नियम एवं हित संघर्ष" विषय पर संवादात्मक सत्र आयोजित हुआ। सत्र ऑफलाइन-सह-ऑनलाइन माध्यम से हुआ, जिसमें 292 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया।
मुख्य बिंदु
- विषय: रेलवे सेवा आचरण नियम एवं हित संघर्ष
- वक्ता: उज्ज्वल आनंद, 2009 बैच के आईआरपीएस अधिकारी (पूर्व मध्य रेलवे)
- भागीदारी: 70 से अधिक अधिकारी ऑफलाइन, 222 अधिकारी-कर्मचारी ऑनलाइन
- अभियान अवधि: 17 अगस्त से 16 नवंबर 2026
- थीम: "Probity for Prosperity – सत्यनिष्ठा से समृद्धि"
"Probity for Prosperity" थीम पर चल रहा अभियान
आरडीएसओ के महानिदेशक प्रभास दनसाना के नेतृत्व में यह अभियान 17 अगस्त से 16 नवंबर 2026 तक चलाया जा रहा है। इसकी व्यापक थीम "Probity for Prosperity – सत्यनिष्ठा से समृद्धि" है। अभियान में लंबित शिकायतों और मामलों के निस्तारण, क्षमता निर्माण, डिजिटल पहलों और अनुबंध प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सेवा आचरण नियम और हित संघर्ष पर मार्गदर्शन
सत्र में पूर्व मध्य रेलवे के 2009 बैच के आईआरपीएस अधिकारी उज्ज्वल आनंद ने रेलवे सेवा (आचरण) नियमों के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने शासकीय कार्यों में हित संघर्ष (Conflict of Interest) की पहचान और उसके उचित समाधान के महत्व पर भी प्रतिभागियों को समझाया।
292 से अधिक प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी
आरडीएसओ के कार्यालयों और फील्ड यूनिट्स से अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी की। 70 से अधिक अधिकारियों ने ऑफलाइन और 222 अधिकारियों-कर्मचारियों ने ऑनलाइन माध्यम से सत्र में भाग लिया।
कार्यक्रम के अंत में संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र हुआ, जिसमें प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान किया गया।
