टीबी रोगियों को समाज से अलग नहीं, मुख्यधारा में शामिल करना हम सभी की जिम्मेदारी: प्रो. अजय तनेजा
भाषा विश्वविद्यालय में एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस स्वयंसेवकों एवं विद्यार्थियों को टीबी मुक्त भारत अभियान से जोड़ा गया
लखनऊ। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत खवाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने और विद्यार्थियों को सामाजिक सहभागिता के लिए प्रेरित करने हेतु एक वृहद जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस स्वयंसेवकों एवं विद्यार्थियों को टीबी मुक्त भारत एप्लीकेशन इंस्टॉल कराया गया तथा उन्हें टीबी उन्मूलन अभियान में स्वयंसेवी के रूप में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
कुलपति प्रो. अजय तनेजा का संबोधन
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने कहा कि टीबी से लड़ाई केवल चिकित्सा के स्तर पर नहीं, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी लड़ी जानी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि टीबी रोगियों को समाज से पृथक करने के बजाय उन्हें समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक शामिल करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को आगे आकर टीबी रोगियों के प्रति संवेदनशीलता और सहयोग का भाव रखते हुए इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
विशेषज्ञ ने दी टीबी से जुड़ी अहम जानकारी
कार्यक्रम में विशेषज्ञ के रूप में करियर मेडिकल कॉलेज के सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर पंकज श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को टीबी के लक्षण, बचाव, उपचार एवं रोगियों के प्रति सामाजिक व्यवहार के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि टीबी छुआछूत का रोग नहीं है और इससे पीड़ित व्यक्ति के प्रति किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को टीबी रोगियों के प्रति सहानुभूति एवं सहयोग का भाव रखते हुए टीबी मुक्त भारत एप्लीकेशन के माध्यम से स्वयंसेवी के रूप में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही बताया कि जागरूकता, समय पर जांच, नियमित उपचार और समाज के सहयोग से टीबी उन्मूलन का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने आसपास के लोगों को भी टीबी के प्रति जागरूक करने की अपील की।
नोडल अधिकारी का संबोधन
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की क्षय रोग कार्यक्रम की नोडल अधिकारी प्रो. शालिनी त्रिपाठी ने भी विद्यार्थियों को टीबी मुक्त भारत अभियान के उद्देश्यों से अवगत कराया और अभियान में अधिक से अधिक युवाओं की भागीदारी पर जोर दिया।
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य
इस अवसर पर निम्नलिखित शिक्षकगण एवं गणमान्य उपस्थित रहे:
- डॉ. पीयूष त्रिवेदी — विभागाध्यक्ष, विधि अध्ययन संकाय
- डॉ. राजकुमार सिंह
- डॉ. दीक्षा मिश्रा
- डॉ. रत्नेश सिंह
- डॉ. नैंसी तिवारी
- डॉ. अपेक्षा सिंह
- डॉ. अर्चिता तिवारी
- डॉ. धर्मेंद्र
- डॉ. कार्तिकेय
- डॉ. आनंद कुमार सिंह
- श्रीमती निधि सिंह राठौड़
इनके अतिरिक्त बड़ी संख्या में विद्यार्थी, एनसीसी कैडेट्स एवं एनएसएस स्वयंसेवक भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अंशुल पांडेय, उप नोडल अधिकारी, क्षय रोग कार्यक्रम द्वारा किया गया।
