नवकल्पना' के तहत बीबीएयू विद्यार्थियों के लिए फील्ड विजिट आयोजित
स्टार्टअप इकोसिस्टम की मिली व्यावहारिक जानकारी
लखनऊ। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (IIC), सांख्यिकी विभाग तथा सेंटर फॉर इनोवेशन, इन्क्यूबेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (CIIE) के संयुक्त तत्वावधान में विद्यार्थियों के लिए 'नवकल्पना - बीबीएयू फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड इन्टरप्रेन्योरशिप' के अंतर्गत एक फील्ड/एक्सपोजर विजिट का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय "इन्टरप्रेन्योरशिप एवं स्टार्ट अप" था।
इस अवसर पर निम्नलिखित गणमान्य उपस्थित रहे:
- नवकल्पना के कंसल्टेंट – प्रो. मनोज जोशी
- अध्यक्ष, IIC एवं CIIE – प्रो. नवीन कुमार अरोड़ा
- संकायाध्यक्ष, स्कूल ऑफ फिजिकल एंड डिसीजन साइंस – प्रो. सुरिंदर कुमार
- इन्क्यूबेटर मैनेजर, नवकल्पना – मधुलिका
- कार्यक्रम संयोजक – डॉ. राहुल वार्ष्णेय
इस गतिविधि का उद्देश्य विद्यार्थियों को इन्क्यूबेशन यूनिट की कार्यप्रणाली, नवाचार एवं उद्यमिता की संभावनाओं तथा स्टार्टअप विकसित करने की प्रक्रिया से व्यावहारिक रूप से परिचित कराना था।
विशेषज्ञों ने किया मार्गदर्शन
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने में प्रो. मनोज जोशी, प्रो. नवीन कुमार अरोड़ा एवं प्रो. सुरिंदर कुमार का महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
इन्क्यूबेटर मैनेजर मधुलिका ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए इन्क्यूबेशन यूनिट के उद्देश्यों एवं उद्यमिता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को नवाचारी सोच विकसित करने, नए अवसरों की पहचान करने तथा अपने विचारों को व्यावहारिक एवं संभावित स्टार्टअप में परिवर्तित करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही रचनात्मकता, समस्या-समाधान तथा उद्यमशील दृष्टिकोण विकसित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक अनुभव
कार्यक्रम संयोजक डॉ. राहुल वार्ष्णेय ने बताया कि इस फील्ड विजिट ने विद्यार्थियों को नवाचार एवं उद्यमिता की व्यावहारिक समझ प्रदान की। समग्र रूप से यह गतिविधि विद्यार्थियों के लिए एक ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी अनुभव रही, जिसने उन्हें नवीन विचारों को विकसित कर स्टार्टअप के रूप में आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।
फील्ड विजिट के माध्यम से विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ नवाचार, इन्क्यूबेशन और स्टार्टअप इकोसिस्टम को समझने का अवसर प्राप्त हुआ। विद्यार्थियों ने जाना कि इन्क्यूबेशन सुविधाएं किस प्रकार नवीन विचारों को विकसित करने तथा संभावित उद्यमियों को मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान करने में सहायक होती हैं।
विद्यार्थियों में विकसित हुए ये कौशल
इस कार्यक्रम से विद्यार्थियों में निम्नलिखित कौशल विकसित हुए:
- उद्यमिता के प्रति जागरूकता
- रचनात्मक सोच
- अवसर पहचानने की क्षमता
- आत्मविश्वास
कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को पारंपरिक करियर विकल्पों के साथ-साथ उद्यमिता को भी एक संभावित करियर विकल्प के रूप में देखने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में उपस्थित रहे
कार्यक्रम में सांख्यिकी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. सुभाष कुमार यादव, प्रो. मधुलिका दुबे, डॉ. अमित कुमार मिश्रा, डॉ. मीनाक्षी मिश्रा और डॉ. प्रयास शर्मा आदि मौजूद रहे।
