उच्च प्राथमिक विद्यालय रूपपुर कमालू में धूमधाम से मनाया गया मीना दिवस
पीलीभीत। ग्राम पंचायत रूपपुर कमालू स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में मीना मंच के अंतर्गत मीना दिवस एवं मीना का जन्मदिन बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं में शिक्षा के प्रति जागरूकता, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास करना था।
सरस्वती वंदना और नाटक प्रस्तुति से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना से हुआ। इसके पश्चात मीना मंच की छात्राओं ने मीना की कहानी पर आधारित एक प्रेरक नाटक प्रस्तुत किया, जिसने सभी को संदेश दिया —
"लड़की पढ़ेगी, तभी आगे बढ़ेगी।"
केक कटिंग और बालिकाओं की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
इस अवसर पर विद्यालय की छात्राओं ने मीना के जन्मदिन का केक काटा और एक-दूसरे को बधाई दी। बालिकाओं ने कविता, भाषण और समूह गीत के माध्यम से निम्न विषयों पर अपने विचार रखे:
- बालिका शिक्षा का महत्व
- स्वच्छता एवं पोषण
- बाल विवाह जैसी कुरीतियों का उन्मूलन
अच्छे-बुरे स्पर्श की दी गई जानकारी
मीना सुगमकर्ता द्वारा मीना की गुड़िया के माध्यम से बच्चों को निम्न बातें समझाई गईं:
- अच्छे और बुरे स्पर्श में फर्क
- विद्यालय में नियमित उपस्थिति का महत्व
- साफ-सफाई की आदतें
बच्चों ने बड़े ध्यान और रुचि के साथ इन बातों को सुना और समझा।
प्रधानाध्यापक की अभिभावकों से अपील
प्रधानाध्यापक ने अपने संबोधन में कहा कि मीना हम सभी के लिए प्रेरणा है — वह साहस, शिक्षा और समानता का प्रतीक है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बेटियों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें और उनके सपनों को पूरा करने में सहयोग करें।
छात्राओं ने ली शपथ, वितरित हुआ मिष्ठान
कार्यक्रम के अंत में सभी छात्राओं ने शपथ ली कि वे:
- नियमित रूप से विद्यालय आएंगी
- मन लगाकर पढ़ाई करेंगी
- समाज में फैली कुरीतियों के विरुद्ध आवाज उठाएंगी
इसके बाद सभी बच्चों में मिष्ठान वितरित किया गया।
कार्यक्रम में इनकी रही सक्रिय भागीदारी
पूरे कार्यक्रम में निम्नलिखित लोगों की सक्रिय सहभागिता रही:
नाम भूमिका संजीदा नूर सुगमकर्ता / सहायक अध्यापक राहत जमाल प्रधानाध्यापक (इ०प्र०अ०) सरोज कुमारी अध्यापिका सुबोध गंगवार अध्यापक प्रियंका अनुदेशक अरविन्द दीक्षित अध्यापक इसके अलावा समस्त अध्यापक-अध्यापिकाओं, एसएमसी सदस्यों व अभिभावकों की भी सराहनीय भागीदारी रही।
