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बधिर विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय व थाने में सिखाई सांकेतिक भाषा

डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय बधिर सप्ताह के तहत बधिर विद्यार्थियों ने पुलिस, बैंक और डाकघर कर्मियों को भारतीय सांकेतिक भाषा का प्रशिक्षण दिया, जिससे समावेशी माहौल बना।
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Shivam Srivastava
  • Updated: September 26, 2026

बधिर विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय और थाने में सिखाई भारतीय सांकेतिक भाषा (ISL)

लखनऊ के डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में इस बार अंतरराष्ट्रीय बधिर सप्ताह कुछ अलग अंदाज़ में मनाया गया। यहां के बधिर विद्यार्थियों ने खुद शिक्षक की भूमिका निभाते हुए विश्वविद्यालय के अलग-अलग विभागों, कार्यालयों और यहां तक कि पारा थाने में जाकर पुलिसकर्मियों को भी भारतीय सांकेतिक भाषा (ISL) सिखाई। इस पहल का मकसद साफ था — बधिर विद्यार्थियों और आम लोगों के बीच बातचीत की दूरी कम करना और एक ऐसा माहौल बनाना जिसमें हर कोई शामिल महसूस करे।

वाणिज्य विभाग में सिखाई गई रोज़मर्रा और कॉमर्स की भाषा

वाणिज्य विभाग में बधिर प्रशिक्षक कुंदन और सोनम यादव ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को वर्णमाला, गिनती, अभिवादन के साथ-साथ कॉमर्स से जुड़े ज़रूरी शब्दों के संकेत सिखाए। इस सत्र में समाजशास्त्र विभाग की अध्यक्ष डॉ. शैलजा सिंह भी मौजूद रहीं। डॉ. विजय वर्मा, डॉ. समृद्धि सिंह और डॉ. शिवानी कटारा समेत कई शिक्षक और विद्यार्थियों ने भी हिस्सा लिया। कार्यक्रम का संचालन मानसी गुप्ता और आदित्यनाथ ने किया, जबकि नेहा मल्होत्रा ने दुभाषिये की ज़िम्मेदारी निभाई ताकि बातचीत में कोई रुकावट न आए।

अर्थशास्त्र और अंग्रेजी विभाग में भी चला प्रशिक्षण

अर्थशास्त्र विभाग में अमन सिंह और पूजा मौर्या ने प्रो. अनामिका चौधरी सहित शिक्षकों को बजट, मांग, आपूर्ति और बाजार जैसे विषयों से जुड़े संकेत सिखाए। वहीं अंग्रेजी विभाग में अभिषेक यादव और फरीद आलम ने प्रशिक्षण दिया। पुस्तकालय में भी यह सिलसिला जारी रहा, जहां प्रो. यशवंत वीरोदय की मौजूदगी में शिखर दीक्षित, शुभम वर्मा और नेहा राजपूत ने विद्यार्थियों और स्टाफ को सांकेतिक भाषा से रूबरू कराया।

बैंक, डाकघर और प्रशासनिक भवन तक पहुंची पहल

यह प्रशिक्षण सिर्फ शिक्षा जगत तक सीमित नहीं रहा। बैंक ऑफ बड़ौदा और डाकघर के कर्मचारियों को भी सांकेतिक भाषा की बुनियादी जानकारी दी गई, ताकि बधिर ग्राहकों को बैंकिंग और डाक सेवाओं के दौरान किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रशासनिक भवन में श्रेया, आराधना मौर्य और अन्य प्रशिक्षकों ने कर्मचारियों को यह प्रशिक्षण दिया।

पारा थाने में पुलिसकर्मियों को सिखाए कानून से जुड़े संकेत

इस पहल की सबसे खास बात रही पारा थाने में हुआ आयोजन। यहां बधिर विद्यार्थी आशीष और विवेक ने पुलिसकर्मियों को एफआईआर, शिकायत, मदद और कानून से जुड़े ज़रूरी संकेत सिखाए। थाना प्रभारी सुरेश सिंह ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे पुलिस और बधिर समुदाय के बीच संवाद की दूरी काफी हद तक कम होगी, और ज़रूरत पड़ने पर बधिर व्यक्ति बिना किसी हिचक के थाने में अपनी बात रख सकेंगे।

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