श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर ब्रह्माकुमारीज गोमती नगर केंद्र में आध्यात्मिक झांकी एवं नाटिका का भव्य आयोजन
लखनऊ। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर गोमती नगर स्थित ब्रह्माकुमारीज केंद्र में आकर्षक एवं आध्यात्मिक झांकी का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न नृत्यों एवं सुंदर झांकियों के माध्यम से श्रीकृष्ण के दिव्य स्वरूप तथा सतयुगी जीवन का संदेश प्रस्तुत किया गया। बच्चों द्वारा प्रस्तुत मनमोहक नाटिका ने भी उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया, जिसकी सभी ने भरपूर सराहना की।
राधा दीदी ने बताया कृष्ण जन्म का आध्यात्मिक रहस्य
इस अवसर पर राजयोगिनी राधा दीदी ने कृष्ण जन्माष्टमी के आध्यात्मिक रहस्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि कंस केवल कोई बाहरी व्यक्ति नहीं है, बल्कि मनुष्य के भीतर विद्यमान काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार जैसे विकारों का प्रतीक है।
उन्होंने बताया कि ज्ञान और राजयोग के अभ्यास से जब हम इन आंतरिक विकारों पर विजय प्राप्त करते हैं, तब हमारे भीतर छिपा दिव्य एवं श्रेष्ठ मानवीय स्वरूप जागृत होता है। इसी पवित्र, निर्मल और दिव्य मनुष्य के सतयुगी स्वरूप को ही कृष्ण के रूप में दर्शाया गया है।
बड़ी संख्या में लोगों ने लिया भाग
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और कृष्ण जन्माष्टमी के आध्यात्मिक संदेश को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया।
