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लखनऊ: रिध्या प्लाजा साइबर फ्रॉड कॉल सेंटर के 2 मैनेजर गिरफ्तार

लखनऊ के अलीगंज में रिध्या प्लाजा स्थित अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड कॉल सेंटर के 2 वांछित प्रबंधक गिरफ्तार। 8 लैपटॉप, XUV-700 समेत भारी सामान बरामद।
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Shivam Srivastava
  • Updated: September 25, 2026

रिध्या प्लाजा साइबर फ्रॉड कॉल सेंटर: वांछित चल रहे दो मुख्य प्रबंधक गिरफ्तार, 8 लैपटॉप और XUV-700 बरामद

लखनऊ। अलीगंज पुलिस को अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी के मामले में बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। रिध्या प्लाजा में संचालित फर्जी कॉल सेंटर मामले में वांछित चल रहे दो प्रमुख आरोपियों — गुजरात निवासी देवेन्द्र सिंह तोमर (41) और हिमांशु धर्मपाल चौहान (29) — को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों कॉल सेंटर की क्लोजर टीम, टीम मैनेजमेंट और नए स्टाफ को ट्रेनिंग देने का काम संभालते थे।

पुलिस ने आरोपियों के पास से 8 लैपटॉप, 5 मोबाइल फोन, ₹39,000 नकद, एक पेनड्राइव और महिन्द्रा XUV-700 कार बरामद की है।

18 सितंबर को हुई थी छापेमारी, 16 गिरफ्तारियां

18 सितंबर 2026 को अलीगंज पुलिस ने नावेल्टी सिनेमा के पास स्थित रिध्या प्लाजा में छापा मारकर फर्जी कॉल सेंटर से 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। थाना अलीगंज में मुकदमा दर्ज कर सभी को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।

तकनीकी सर्विलांस और मोबाइल नंबरों की जांच के दौरान देवेन्द्र सिंह तोमर और हिमांशु धर्मपाल चौहान की भूमिका सामने आई। पूछताछ में पता चला कि छापेमारी से ठीक पहले दोनों अपने साथी शिवा उर्फ प्रियांशु कुशवाहा के साथ मौके से फरार हो गए थे।

कैसे अमेरिकी नागरिकों को बनाते थे निशाना

पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह मुख्य रूप से अमेरिका में रहने वाले लोगों को टारगेट करता था। तरीका इस प्रकार था:

फर्जी सिक्योरिटी जांच के नाम पर डराने की स्क्रिप्ट

इसके बाद कॉल को क्लोजर टीम को ट्रांसफर किया जाता था, जो और आक्रामक तरीके से पीड़ितों को डराती थी:

  • पीड़ित को बताया जाता था कि उसके खाते से Pornography, Child Pornography या Drug Smuggling जैसी आपत्तिजनक गतिविधियां जुड़ी मिली हैं
  • Social Security Number सस्पेंड करने और बैंक खाता फ्रीज करने की धमकी दी जाती थी
  • डर के मारे पीड़ित पैसे ट्रांसफर करने को मजबूर हो जाते थे

गिरोह कैश, गोल्ड, बैंक ट्रांसफर और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए ठगी की रकम वसूलता था।

आरोपियों का आपराधिक इतिहास — गोवा और कोलकाता में भी मामले दर्ज

आरोपीपूर्व मामलाधाराएं
हिमांशु धर्मपाल चौहानसाइबर क्राइम थाना, गोवा (2025)धारा 3(5)/319(2) BNS, 66D IT एक्ट
देवेन्द्र सिंह तोमरइको पार्क थाना, कोलकाता (2025)धारा 318(4)/319(2)/336 BNS, 66C/66D IT एक्ट

देवेन्द्र सिंह तोमर इस मामले में 78 दिन डम डम सेंट्रल जेल में बंद रह चुका है।

पूछताछ में यह भी सामने आया कि गिरोह पहले साउथ गोवा, कोलकाता/न्यूटाउन, वाराणसी और लखनऊ के विभूतिखंड/गोमतीनगर क्षेत्र में भी इसी तरह के कॉल सेंटर चला चुका है।

कार्रवाई में शामिल टीम

यह कार्रवाई डीसीपी उत्तरी अमित कुमार आनंद और एसीपी अलीगंज शशि प्रकाश मिश्र के निर्देशन में, प्रभारी निरीक्षक ध्रुव कुमार के नेतृत्व में अलीगंज पुलिस, स्वाट/सर्विलांस टीम और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने की। 

पुलिस की जनता से अपील

  • अनजान पॉप-अप, फर्जी वायरस अलर्ट या कस्टमर सपोर्ट नंबर पर भरोसा न करें
  • फोन पर किसी को भी बैंकिंग विवरण, पासवर्ड या संवेदनशील जानकारी न बताएं
  • कंपनी या सरकारी संस्था के नाम पर धमकाकर पैसे, गिफ्ट कार्ड या क्रिप्टोकरेंसी मांगे जाने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें

 

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